नई दिल्ली। सामाजिक संस्था सेवाभारती दिल्ली द्वारा आगामी 13 अप्रैल को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक मैराथन “Run for A Girl Child” का आयोजन किया जा रहा है। इस रन का उद्देश्य किशोरी विकास, महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से किया जा रहा है जिसमें सेवा बस्तियों के बहनों के साथ बॉलीवुड, व्यवसाय, खेल, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सशस्त्र बलों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल होंगे।
वर्ष 1979 से संचालित सेवाभारती, स्वास्थ्य, संस्कार, शिक्षा और स्वावलंबन के क्षेत्र में दिल्ली की 1123 सेवा बस्तियों में अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के माध्यम से कार्य कर रही है।
इस कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सेवाभारती के प्रांत अध्यक्ष रमेश अग्रवाल ने बताया कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के साथ ही, विश्वगुरू बनाना भी बहुत आवश्यक है, इस प्रयास में समाज का हर वर्ग जुड़े, इसके लिए सेवाभारती प्रयासरत है। Run for a Girl Child के माध्यम से हम समाज के वंचित वर्ग और संभ्रांत वर्ग को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में समाज का हर वर्ग महिला सशक्तिकरण और किशोरी विकास के उद्देश्य के लिए सम्मिलित होगा।
सेवा भारती की सचिव और कार्यक्रम की संयोजक निधि आहूजा ने बताया कि हम दिल्ली की सभी सेवा बस्तियों, प्रोफेशनल रनर्स और युवाओं को टारगेट कर रहे हैं इसी के साथ दिल्ली के विभिन्न सेवाभावी व्यवसायियों को भी इस रन में सम्मिलित होने का निमंत्रण भेजा गया है। सेवाभारती दिल्ली, समूचे राज्य की सेवा बस्तियों में 132 किशोरी विकास केंद्रों को भी शुरू कर चुका है। हमारा उद्देश्य है कि इन केंद्रों के माध्यम से हम 1 लाख किशोरियों और बेटियों तक सेवाएं पहुंचाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, शिखर धवन, पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा, पी.टी.ऊषा ने अभी तक इस कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया है।
सेवा भारती के महासचिव सुशील गुप्ता जी ने बताया कि सेवा भारती महिला सशक्तिकरण, किशोरी विकास के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वावलंबन के क्षेत्र में दिल्ली में विभिन्न प्रोजेक्टों को समाज के सुधीजनों और सेवाभावी व्यक्तियों के सहयोग से संचालित कर रही है। बालिकाओं के समग्र विकास के लक्ष्य से ये मैराथन आयोजित हो रही है।
रन फॉर गर्ल चाइल्ड का आयोजन जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सुबह 6 बजे से शुरू होगा। इस दौड़ में 10 किलोमीटर (टाइम्ड रन), 5 किलोमीटर (फन रन), और 3 किलोमीटर (फन रन) जैसी श्रेणियां शामिल है। इस आयोजन में हर उम्र के 5000 से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है।
- सेवा भारती का संक्षिप्त परिचय :
माननीय बालासाहब देवरस जी से प्रेरणा पाकर माननीय विष्णु जी ने दिल्ली के जहांगीरपुरी की एक सेवा बस्ती से बालवाड़ी केन्द्र का प्रारंभ किया। बाद में 2 अक्टूबर 1979 सेवा भारती की विधिवत स्थापना को हुई थी। सेवा भारती एक स्वयंसेवी संस्था है और यह संस्था सेवा के क्षेत्रा में कार्य करती है। सेवा भारती एक सेतु या माध्यम बनकर सहातया कार्य करती है। और भविष्य में सहयोग लेने वाला (सेवित) भी सहयोगी बनकर सेवक बने तथा समाज का प्रत्येक वर्ग स्वाभिमान से जीना सीखें, यही सेवा भारती का उद्देश्य है।
- सेवा भारती चार आयामों में काम करती है - शिक्षा, स्वास्थ, स्वावलंबन और सामाजिक।
शिक्षा में बालवाड़ी, बाल/बालिका संस्कार, कोचिंग क्लास, सेवाधाम विद्यामन्दिर, जहां पर देशभर के 330 बच्चे पढ़ते हैं। इसके अतिरिक्त कई स्कूल और हॉस्टल चलाये जाते हैं।
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रा में चल-अचल व मोबाइल डिस्पेंसरियां चल रही है, इसके अलावा दो डायलिसिस केन्द्र, रेडियोलॉजी, पैथ लैब, कुष्ठ आश्रम व अन्य चिकित्सा सेवाएं भी चल रही है।
स्वावलंबन के क्षेत्र में सिलाई, मेंहदी, ब्यूटीशियन, कम्प्यूटर कोर्स, स्ट्रीट चिल्ड्रेन प्रोजेक्ट, टाइपिंग, आर्ट एंड क्रापफट व पफैशन डिजाइनिंग जैसे कोर्स चलाए जा रहे हैं।
सामाजिक रूप से कन्या पूजन, मातृछाया, कीर्तन भजन मंडली, सामूहिक विवाह, महिला गोष्ठी कथा, हवन तथा समय-समय पर होने वाले उत्सव व त्यौहार, यह सभी कार्य महिला समितियों द्वारा बस्ती की भागीदारी से किया जाता है।
- विषम परिस्थितियों में भी अनुकूलता : सेवा भारती नर सेवा, नारायण सेवा के रचनात्मक आंदोलन को आत्मसात करते हुए देश के किसी भी कोने में किसी भी प्रकार की आपदा में अग्रसर होकर अपनी भूमिका निभाती है और हर संभव प्रयास कर लोगों की सहायता करती है। वैश्विक कोरोना महामारी में भी सेवा भारती के हजारों कार्यकर्ता ने बिना किसी डर के दिन रात काम किया। राशन वितरण, बना हुआ भोजन, चिकित्सा सुविधा, बुजुर्गों की संभाल, रक्तदान शिविर, अन्य प्रांतों से आए बंधुओ की सेवा; जो लॉकडाउन में फंस गए थे। दूध, मास्क वितरण, दवाई वितरण, काढ़ा बनाकर जन-जन तक पहुंचाना। इस प्रकार सेवा भारती सबके लिए एक दृष्टि रखते हुए जनकल्याण में पिछले 46 वर्षों से लगी हुई है।
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