बस्ती। हर्रैया ब्लाक के समौड़ी गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा बुधवार को संपन्न हो गई। कथा के समापन पर हवन यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया। भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले हवन यज्ञ में आहुति डाली और फिर प्रसाद ग्रहण किया।
कथा व्यास राजेश पाण्डेय महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा की महिमा बताई। कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। उन्होंने बताया कि कथा या अनुष्ठान का तत्वसार होता है जो मन बुद्धि व चित को निर्मल कर देता है। मनुष्य शरीर भी भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। जीवन में प्रसाद का अपमान करने से भगवान का ही अपमान होता है। भगवान का लगाए गए भोग का बचा हुआ शेष भाग मनुष्यों के लिए प्रसाद बन जाता है।
इस दौरान मुख्य यजमान राम सुमति मिश्र, सीता देवी, राम प्यारे मिश्र, पंकज मिश्र, एडी शुक्ल, जय प्रकाश शुक्ल, प्रमोद शुक्ल बब्बू, बब्बन शुक्ल, हिमांशु त्रिपाठी, देवेंद्र नाथ मिश्र बाबू जी, धीरेन्द्र नाथ मिश्र, श्रीनाथ मिश्र, सुरेंद्र नाथ मिश्र, रामफूल मिश्र, उमेश मिश्र, चन्द्र प्रकाश मिश्र, पशुपतिनाथ शुक्ल, विश्व प्रकाश मिश्र, राम जियावन शुक्ल, राधा मोहन मिश्र, लालजी मिश्र, अशोक कुमार मिश्र, महेंद्र कुमार मिश्र, सुभाष मिश्र, विजय मिश्र, चंद्रमणि मिश्र, प्रेम शंकर ओझा, जगदम्बा ओझा, राधिका चौधरी, भरत, संतोष मिश्र, रवीश कुमार मिश्र, वेद प्रकाश मिश्र, उत्तम मिश्र, हरीश, शिवम, गोपाल, रत्नेश, प्रभात, राम, अत्रय, बाबूलाल, लल्लू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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