महादेवा(बस्ती)। विकास खण्ड बनकटी महादेवा बाजार नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का पांचवा दिन सोमवार को अयोध्या धाम से आये हुए विद्याधर भारद्वाज जी ने कहा कि जैसे एक माली उद्यान की देखभाल करता है जहां आवश्यकता होती है सिंचाई करता है खाद डालता है सुंदरता प्रदान करने के लिए कांट छांट करता है उसी प्रकार भगवान भी अपने संसार रूपी उद्यान की रक्षा करते हैं। भगवान के स्मरण करने मात्र से सभी पाप कट जाते हैं। प्रसंग अनुसार अजामिल ने अंतिम समय में पुत्र के बहाने नारायण नाम उच्चारण किया परिणाम भगवत धाम की प्राप्ति हुई। प्रह्लाद ने अपने सत्संग उपदेश एवं करुणा से सभी दैत्यों के कल्याण का मार्ग प्रसस्त किया। गजेंद्र मोक्ष समुद्र मंथन एवं मत्स्य अवतार की कथा सार गर्भित ढंग से सुनाईं।
सूर्यवंश में प्रभु श्री राम के चरित्र का वर्णन एवं चंद्रवंश में भगवान श्री कृष्ण के पावन प्रकट्योत्स्व की कथा को श्रोताओं ने पूरे भाव से सुना। भगवान भक्तों की रक्षा के लिए निर्गुण से सगुण, निराकार से सरकार, अंतरंग से बहिरंग होकर पृथ्वी पर अवतरित होते हैं। कथा के मध्य उल्लास से भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव मनाया गया। श्रोताओं सजीव झांकी का दर्शन कर सोहर मंगल बधाइयां पंडाल गुंजयमान हो उठा।
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