बस्ती। शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर जिलाध्यक्ष गौरीशंकर चौधरी के नेतृत्व में किसान समस्याओं को लेकर बस्ती सदर तहसील परिसर में धरना दिया। धरने के बाद जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को 5 सूत्रीय ज्ञापन भेजा गया।
राष्ट्रपति को भेजे 5 सूत्रीय ज्ञापन में पंजाब में किसान आन्दोलन के दौरान किसानों पर अंधाधुन्ध बल प्रयोग रोकने, लोकतांत्रिक अधिकार बहाल किये जाने, जेल में बंद सभी किसानों को रिहा किये जाने, किसानों के ट्रैक्टश्र, ट्राली एवं अन्य उपकरणों को वापस कराये जाने, क्षतिग्रस्त या चोरी हुये सामान की भरपाई पंजाब सरकार द्वारा कराये जाने, अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते के लिये जो वार्ता चल रही है उसे राष्ट्रीय हित में रोके जाने आदि की मांग शामिल है।
ज्ञापन देने के बाद भाकियू के पूर्वान्चल अध्यक्ष अनूप कुमार चौधरी, शोभाराम ठाकुर, महेन्द्र कुमार चौधरी, जयराम चौधरी, गौरीशंकर चौधरी, अशोक कुमार चौधरी, का. के.के. तिवारी आदि ने कहा कि देश का किसान लगातार बदहाली का शिकार है। केन्द्र और राज्य की सरकारें किसानों से वार्ता की जगह उनके आन्दोलनों को कुचल रही है। उन पर लाठियां बरसाकर जेल भेजा जा रहा है। उत्पीड़न की कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकारों का नजरिया किसान विरोधी है और नीतियां बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के दबाव में बनायी जा रही है। कहा कि यदि केन्द्र और राज्य सरकारों ने यदि किसानांें के प्रति अपना रवैया न बदला तो राष्ट्र व्यापी आन्दोलन छेड़ा जायेगा।
धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से रामकेवल वर्मा, रामचन्द्र सिंह, रामकृष्ण चौधरी, राम सागर, दीप नरायन, त्रिवेनी चौधरी, ब्रम्हदेव चौधरी, विनोद चौधरी, राधेश्याम चौधरी, तिलकराम, रामाज्ञा, रामशव्द चौधरी, रमेश चौधरी, रामफेर चौधरी, ओम प्रकाश के साथ ही भाकियू एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारी, किसान, मजदूर शामिल रहे।
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