बस्ती। आयुर्वेद एवं यूनानी फार्मासिस्ट संघ दो फाड़ होने के कगार पर पहुंच गया है। संघ के जिलाध्यक्ष ने एक दिन पहले क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाया तो दूसरे दिन अन्य पदाधिकारी संबंधित अधिकारी के पक्ष में उतर आए। शनिवार को बैठक करके संघ के अध्यक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया गया।
फार्मासिस्ट संघ के अध्यक्ष ने बस्ती- संतकबीरनगर के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. जगदीश यादव पर मनमानी का आरोप लगाया है। इसी के बाद विभाग में खेमेबंदी शुरू हो गई। शनिवार को संघ के मंत्री रामलाल तिवारी ने कार्यालय परिसर में बैठक बुला ली। अन्य पदाधिकारियों के साथ वह संबंधित अधिकारी के समर्थन में उतरे। कहा कि अध्यक्ष की ओर से लगाए गए विभागीय अधिकारी पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने इसे आपसी द्वेष बताया है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के उपाध्यक्ष उदयभान पाठक ने कहा कि यूनानी अधिकारी पर लगाए जा रहे आरोप किसी का निजी मामला हो सकता हैं। संगठन और कर्मचारियों का इससे कोई लेना देना नहीं है। उन पर पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। कार्यालय मेंं किसी तरह का कोई भ्रष्टाचार नहीं है। कहा कि आरोप लगाने वाले खुद विवादित हैं और अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह भी हैं। संगठन के किसी भी सदस्य व पदाधिकारी को विश्वास में लिए बगैर पैड का दुरुपयोग करना गलत है। इस मौके पर राम प्रकाश सिंह, योगेंद्र मिश्रा, राम प्रकाश पाठक, हरिकृष्ण मिश्रा, अजय कुमार पांडेय व भोला नाथ उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
No comments:
Post a Comment