गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर (10 +2 ) पक्कीबाग गोरखपुर में गुरु नानक जयंती एवं बाल दिवस कार्यक्रम संपन्न हुआ। गुरु नानक जयंती के पूर्व संध्या पर आचार्य सौरभ शुक्ला जी ने कहा कि भारत संत महात्माओं का देश है, उसी में से एक रहे हैं सिख धर्म के प्रथम गुरु एवं संस्थापक गुरु नानक देव जी थे। जिन्होंने कहा कि नाम जपो, किरत करो, वंड छको” का संदेश दिया, यानी ईश्वर का नाम जपें, ईमानदारी से कार्य करें और जरूरतमंदों के साथ बांटकर खाएं। यह पर्व उनके द्वारा स्थापित निस्वार्थ सेवा और मानवता के प्रति प्रेम की भावना को मनाने और अपने जीवन में उतारने का पावन अवसर होता है। गुरु नानक जी ने मानवता, एकता, सेवा, और सच्चे प्रेम जैसी कई बातें सिखाई हैं। गुरु नानक देव जी ने अपनी शिक्षाओं को "नाम जपो, किरत करो और वंड छको" के मूल मंत्र के माध्यम से व्यक्त किया, जिसे "मूल मंत्र" भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है नाम जपें, मेहनत करें और बांट कर खाएं।
विद्यालय की आचार्या प्रियदर्शनी गिरी जी ने बच्चों को बताया की बाल दिवस भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के शुभ अवसर पर मनाया जाता है। नेहरू जी को बच्चों से बहुत प्यार था बच्चों से बहुत लगाव था वह कहते थे कि बच्चे देश के भविष्य हैं और बच्चे सभी प्यार से उनको चाचा नेहरू जी कहकर पुकारते थे इस दिन विद्यालय में बच्चों को तरह-तरह के कार्यक्रम कराए जाते हैं एवं उनको आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाता है ।
प्रधानाचार्य डॉक्टर राजेश सिंह गुरु नानक जयंती एवं बाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें इन महापुरुषों का अनुशरण करना चाहिएl इस शुभ अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा ।
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