गोरखपुर। एन० सी० सी० कैडेटस् एकता और अनुशासन के महामंत्र को अपने कार्यशैली मे उतार कर एक सशक्त समाज की सर्जना मे योगदान दें। उक्त विचार कर्नल जयबीर सिंह सेना मेडल ने व्यक्त किया। वे सैनिक स्कूल स्थित प्रेक्षागृह मे 45 वटालियन द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण एवम् भारतीय थल सेना शिविर को बतौर मुख्य अतिथि उदघाटन सत्र को सम्बोन्धित कर रहे थे।
विभिन्न शिक्षण संस्थाओ से आये 600 छात्र-छात्रा सैनिको भारतीय सेना के विभिन्न पदक्रमो के ख्याति प्राप्त अनुदेशको को सम्बोन्धित करते हुए कर्नल सिंह ने कहा इस 10 दिवसीय शिविर मे एन० सी० सी० के विशाल पाठ्यक्रम फाइरिंग, ड्रील, मानचित्र अध्ययन, व्यवस्थित जीवन शैली के लिये ले आउट जैसे कई बाधापूर्ण चुनौतियों को स्वीकार कर समाधान देना जैसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के साथ साथ अच्छे स्वाथ्य के लिये पी० टी०, योग भी शामिल है। जिससे छात्र सैनिको मे सम्पूर्ण व्यक्तित्व का आयाम स्थापित हो सके।
कर्नल सिंह ने कहा शिविर के सभी अनुदेश राष्ट्रीय संकल्पो के सापेक्ष होकर एन०सी० सी० के उद्देश्यो को पुष्ट और प्रमाणित करते है ।
एन० सी० सी० विश्व का सबसे वडा युवा संगठन है। राष्ट्र की अपेक्षा भी स्वाभाविक है अतः केडेटो को राष्ट्रीय परिस्थितियों पर नजर रखनी होगी और उसके सापेक्ष अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी होगी।
कर्नल सिंह ने कहा देश मे जहाँ भाषा,रग , जाति और धर्म की चुनौती राष्ट्र की चुनौती है वही संवेदन शीलसीमाए आज देश की महत्वपूर्ण चुनौती है। एन० सी० सी० के विशाल देश भक्त घरातल पर हमे स्वीकार पर अपने प्रशिक्षण के माध्यम से समाधान देना होगा।
ग्यारह अक्टूवर से प्रारम्भ होकर बीस अक्टूवर तक चलने वाले शिविर मे प्रभावी बताने हेतु भारतीय थल सेना के अनुदेशको का स्थलीय निर्देश भी दिये गये। जिससे शिविर की सार्थकता प्रमाणित हो सके।
शिविर मे विभिन्न संस्थाओ से अपने अपने कम्पनी प्लाटून ग्रुप के नेतृत्व कर रहे विभिन्न पदक्रम के सहायक एन० सी० सी० अधिकारी लेफ्टिनेन्ट सूरज कुमार, चन्द्रभान यादव के अलावा सुवेदार मेजर राकेश कुमार, सुवेदार हर्वत्न सिंह, सुवेदार अनिल कुमार, सुवेदार टीका बहादुर, वटालियन हवलदार मेजर रेशम शाही, दिग्विजय सिंह, दयानन्द, मनोरजन त्रिपाठी, संजय प्रजापति, एवं डॉ० शिवेन्द्र त्रिपाठी उपस्थित थे।
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