बस्ती। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा अंत्योदय दिवस हर साल 25 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय समाज में गरीबों और वंचितों के उत्थान के प्रति समर्पण को दर्शाता है। अंत्योदय का अर्थ है "अंतिम व्यक्ति का उदय", अर्थात समाज के सबसे गरीब और पिछड़े व्यक्ति को समाज की मुख्यधारा में लाना है। यह दिवस महान समाज सुधारक और भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने अंत्योदय के विचार को अपने जीवन का प्रमुख लक्ष्य बनाया था। बस्ती में भाजपा संगठन द्वारा सभी बूथों पर जन्म जयंती मनाई गई। इसी क्रम में पंडित दीन दयाल उपाध्याय के पूर्वजो के पैतृक गांव खोरिया में स्थापित स्मृति वाटिका में धूम धाम से मनाया गया। इसके साथ ही लगभग 335 लोगो ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ सतेन्द्र सिन्हा, अश्वनी उपाध्याय, अमृत कुमार वर्मा, मानस भूषण त्रिपाठी, मण्डल अध्यक्ष विवेकानन्द शुक्ल, रवि चंद्र पाण्डेय, अंकित पाण्डेय ने अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथि सतेन्द्र सिन्हा ने कहां अंत्योदय दिवस पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित दिन है। उनके विचारों से समाज को जागरूक कराने के उद्देश्य से अंत्योदय मनाया जाता है। भारतीय समाज की जड़ों को मजबूत करने और देश के गरीब और वंचित लोगों के उत्थान के लिए आजीवन काम किया। उन्होंने "अंत्योदय" का सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसका मतलब था समाज के सबसे निचले स्तर पर मौजूद व्यक्ति का उत्थान।
भाजपा नेता अश्वनी उपाध्याय ने कहां 1960 और 1970 के दशक में, उन्होंने अपनी विचारधारा के माध्यम से गरीबों के सशक्तिकरण और आर्थिक सुधार पर जोर दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने यह मान्यता दी कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति का विकास नहीं होता, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। इस विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के चलते उनके जन्मदिन को अंत्योदय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम का संचालन रवि चंद्र पाण्डेय ने किया।
इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि डब्लू उपाध्याय, अनंत उपाध्याय, राहुल, सुरेन्द्र प्रजापति, राम आशीष यादव आदि मौजूद रहे।
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