बस्ती। वैसे तो पुरातन काल से आयुर्वेद पद्धति से लोग निरोगी काया पा रहे हैं लेकिन 47 साल पहले 1977 में विश्व आयुर्वेद परिषद की स्थापना के बाद आयुर्वेद को पुनः प्रतिष्ठित करने पर जोर दिया जाने लगा। आज आयुर्वेद सबसे सटीक चिकित्सा प्रणाली साबित हो रही है।
यह बातें बस्ती-संतकबीरनगर के पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. वीके श्रीवास्तव ने कही। वह विश्व आयुर्वेद परिषद के स्थापना दिवस के मौके पर शहर के मालवीय रोड स्थित मंगलम् आयुर्वेद केंद्र पर आयोजित स्वास्थ्य परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। विश्व आयुर्वेद परिषद बस्ती की ओर से आयोजित स्वास्थ्य संगोष्ठी में उन्होंने आयुर्वेद के सभी पद्धतियों के बारे में विस्तार से बताया। परिचर्चा का शुभारंभ बस्ती-संतकबीरनगर के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. राम शंकर गुप्ता ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। परिचर्चा में डा. अरविंद कुमार, डॉ. वीरेंद बहादुर , डॉ.कल्पना व डॉ. शबनमजहां ने आयुर्वेद के महत्व को बताया। इस मौके पर डॉ. के शास्त्री, आदित्य नारायण, दया शंकर मिश्र, रोहित कुमार श्रीवास्तव, नरपत शुक्ला व दुर्गा प्रसाद समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे।
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