- मरीजों के लिए लाभकारी होगी यह योजना : ब्रजेश पाठक
- निजी अस्पतालों और ट्रस्ट को इस योजना में जोड़ने तैयारी शुरू
लखनऊ। प्रदेश में किसी भी सरकारी अस्पताल में मरीज के परिजनों को ब्लड के लिए भटकना नहीं पड़ेगा,अब ब्लड बैंक में ब्लड देकर ब्लड हासिल कर सकेंगे। यह योजना सभी सरकारी ब्लड बैंक में लागू कर दी गयी है। दान किया गया खून अब यूपी के किसी भी ब्लड बैंक से हासिल किया जा सकेगा। इसके लिए डोनर कार्ड ब्लड बैंक में दिखाना होगा। उसके आधार पर ब्लड बैंक आवश्यकता वाले रोगी के लिए खून जारी कर सकेंगे। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत यह योजना राजकीय रक्तकेंद्रों के लिए मान्य होगी। दूसरे चरण में प्राइवेट व ट्रस्ट के ब्लड बैंकों को योजना से जोड़ा जायेगा।
रविवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि खून की आवश्यकता वाले रोगियों की जान बचाने में मदद मिलेगी। रक्तदान के बाद रक्तदाताओं को डोनर कार्ड प्रदान किया जाता है। जिसे आवश्यकता पड़ने पर ब्लड बैंक में जमा करने पर रक्त मिलता है। कई बार संबंधित ब्लड बैंक में मरीज की जरूरत वाले ग्रुप का खून उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में दूसरा ब्लड बैंक में वह डोनर कार्ड काम नहीं करता है। ऐसे में डोनर जुटाने का झंझट करना पड़ता है। रोगियों की दुश्वारियों को दूर करने के लिए उप्र राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने पहल की है। इसके तहत स्वैच्छिक रक्तदाताओं को आवश्यकता पड़ने पर डोनर कार्ड के माध्यम से राजकीय रक्तकेन्द्र में खून मिलेगा।
स्वैच्छिक रक्तदाता कार्ड प्रदेश के समस्त राजकीय रक्तकेन्द्रों में मान्य होगा। राजकीय रक्तकेन्द्र नियमानुसार परिषद कार्यालय को स्वैच्छिक रक्तदाता कार्ड लागू किये जाने की सूचना प्रेषित करना सुनिश्चित करें। इसके लिए सोसाइटी के निदेशक डॉ. हीरालाल ने आदेश जारी कर दिया है। किसी भी मरीज की मृत्यु रक्त की कमी से नहीं होनी चाहिए। इसलिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। अभी सरकारी रक्तकोष में यह व्यवस्था लागू की गई है। जल्द ही निजी संस्थानों में भी इसे लागू किया जाएगा। सरकार मरीजों के हितों में लगातार कदम उठा रही है। डिप्टी सीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक स्वस्थ्य व्यक्ति रक्तदान करें,ताकि खून की जरूरत वाले मरीजों की जान बचाई जा सके।
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