धमतरी। जहां चाह है वहां राह है यह कहावत चरितार्थ हुई है नगरी आदिवासी क्षेत्र नगरी के 30 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना से। एक साथ 30 विद्यालयों में डाइट की ऊंची सोच,समाज सेवियों का सहयोग और शिक्षक तथा एस एम सी सदस्यों के उत्साह से स्मार्ट टीवी की व्यवस्था की गई है। अब इसका उपयोग विभिन्न विषयों के अध्यापन में किया जाएगा। इन विद्यालयों के शिक्षकों को एजुकेशन टेक्नोलाजी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मंशा के अनुरूप जिले के प्रत्येक विद्यालय में स्मार्ट टीवी, कंप्यूटर एवम प्रोजेक्टर लगभग अनिवार्य हो गया है। नई शिक्षा नीति में बच्चे न केवल संस्कार युक्त नैतिकता, प्राचीन मानवीय व सार्वभौमिक मूल्यों को आत्मसात करेंगे बल्कि प्राथमिक स्तर से ही टेक्नोलॉजी के जरिये दुनिया के ज्ञान विज्ञान को समझेंगे। इस नई शिक्षा नीति की मंशा पर डाइट नगरी द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। गांव गांव जाकर एस एम सी सदस्यों, आम पालकों को एकत्रित कर विद्यालयों को रचनात्मक सहयोग एवम शैक्षिक क्रिया कलापों में भागीदार बनने प्रेरित किया जा रहा है। चर्चा परिचर्चा में इस बात की भी जानकारी दी जा रही है कि वे अपने बच्चों को भाषा,गणित,पर्यावरण की शिक्षा बहुत ही आसानी से दे सकते हैं। बहुत सारे विद्यालयों में इसका असर भी दिख रहा है। सी ग्रेड के स्कूल को ए ग्रेड में लाया गया है। नगरी विकासखंड के प्राथमिक शाला बुडरा एवं कारीपानी इसका उदाहरण है। यहां के पालक विकास के लिए सहयोग कर रहे हैं। बुडरा के पालकों ने विद्यालय में लगभग पांच लाख की लागत से चारदीवारी का निर्माण कराया है।
मगरलोड निवासी शिक्षिका रंजीता साहू एवम उनके पति तुमन साहू अभी तक 85 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की स्थापना में सहयोग कर चुके है। नगरी के जिन 30 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की गई है वहां की आधी राशि इस दंपत्ति द्वारा की गई है। इनके सराहनीय एवम अनुकरणीय कार्य को ध्यान में रखकर डाइट नगरी में आयोजित समारोह में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंद्रकांत कौशिक अपर कलेक्टर ने रंजीता साहू,अ शिक्षिका का सम्मान किया।यह कार्यक्रम 21 जुलाई को हुआ।
पालेश्वर दंपत्ति ने खड़पथरा के विद्यालय को स्मार्ट कक्ष बनाने एक स्मार्ट टी वी भेंट किया है। शाम को ये दम्पत्ति गांव के बच्चों के लिए निश्शुल्क कक्षा का संचालन करते हैं जिसमें 20 से 25 बच्चे शामिल होते हैं। रामदयाल पालेश्वर एवम रेखा पालेश्वर का सम्मान डाइट नगरी द्वारा किया गया। रंजना साहू ने कहा कि वे जिले के विद्यालयों में हरियाली लाने अभी तक तीन हजार चंदन के पौधों का वितरण बैंक से लोन लेकर कर चुकी हैं। वे इस अभियान में अभी भी जुड़ी हुई हैं। जिन विद्यालयों को स्मार्ट टीवी भेंट की गई उनमें प्रा शा बोधसेमरा, मा शा देवपुर, प्रा शा गोहानपारा, प्रा शा हिरीड़ीही, प्रा शा बोकराबेडा,मा शा बोकरा बेडा,प्रा शा जंगल पारा नगरी, प्रा शा राइसमिल पारा नगरी, प्रा शा गोरसानाला, प्रा शा जंगलपारा छिपलीं, प्रा शा सिंगपुर, प्रा शा कुरमियां,प्रा शा मुरुमतरा एवम प्रा शा पंडरीडबरी के नाम विशेष उल्लेखनीय है। इस अवसर पर डाइट नगरी के प्राचार्य डा वीपी चन्द्रा, सहायक प्राध्यापक केएस ध्रुव, सहायक प्राध्यापक डी के साहू, बीएम गजेंद्र, हिममणी सोम नरेंद्र देवांगन, जोहन नेताम, संगीता रनघाटी, एके सार्वा ,ईश्वरी ध्रुव स्कूलों के शिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जोहन नेताम ने किया।
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