बस्ती। शनिवार को बस्ती जनपद का 158 वां स्थापना दिवस प्रेस क्लब सभागार में समाजसेवी राना दिनेश प्रताप सिंह के संयोजन में केक काटकर मनाया गया। राना दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि बस्ती स्वयं में कई आध्यात्मिक इतिहास समेटे हुये है। मखौड़ा, राजा दशरथ के गुरू वशिष्ठ की मातृभूमि बढनी मिश्र, भद्रेश्वरनाथ के साथ ही महात्मा बुध, कबीर का इस धरती से अटूट रिश्ता रहा है। कहा कि बढनी मिश्र में गुरू वशिष्ठ के भव्य मंदिर का निर्माण चल रहा है। कहा कि हमें अपने इतिहास को समझकर ही आगे बढना होगा।
वरिष्ठ साहित्यकार डा. राम कृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कार्यक्रम का संचालन करते हुये बस्ती के इतिहास बोध, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर जनपद के सृजन, बस्ती को मण्डल मुख्यालय बनाये जाने के साथ ही उसके साहित्यिक सरोकारों पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ समीक्षक डा. सत्यव्रत ने कहा कि 158 वर्षो में बस्ती की विकास यात्रा अभूतपूर्व रही है, इसके अनेक पडाव है। प्रेस क्लब अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने सरस्वती वंदना के साथ ही ‘ बस्ती की गाथा’ कविता के माध्यम से जनपद की यात्रा पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये वरिष्ठ साहित्यकार सत्येन्दनाथ ‘मतवाला’ ने कहा कि बस्ती की धरती ने अनेक समृद्ध साहित्यकार दिये हैं जिनकी विश्व स्तर पर पहचान है। यह जनपद विविधता में अनेक इतिहास समेटे हुये है।
वरिष्ठ साहित्यकार डा. राम कृष्ण लाल ‘जगमग’ के संचालन में पंकज सोनी, चन्द्रमोहन ‘लाला’ निहालदास आदि ने बस्ती पर केन्द्रित कविता सुनाकर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मनोज सिंह, सामईन फारूकी के साथ ही बडी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
No comments:
Post a Comment