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Tuesday, February 22, 2022

जन्म के 42 दिनों तक शिशुओं की हो रही गृह आधारित देखभाल

    जन्म के 42 दिनों तक बच्चों के घर पर भ्रमण कर आशा कार्यकर्ता  करती हैं निगरानी

   तापमान के साथ ही  वजन तथा अन्य सारे लक्षणों  पर रखती हैं नजर

संतकबीर नगर। नवजात के शुरू के 42 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए इस दौरान आवश्यक है कि उनका बेहतर खयाल रखा जाए। उचित देखभाल के जरिए शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से शिशु की गृह आधारित देखभाल के लिए होम बेस्ड न्यूबार्न केयर ( एचबीएनसी ) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ता शिशु के घर जाकर 42 दिनों तक उनकी देखभाल करती हैं 


अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मोहन झा ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात के बेहतर देखभाल की जरूरत बढ़ जाती है। संस्थागत प्रसव के मामलों में शुरुआती दो दिनों तक मां और नवजात का ख्याल अस्पताल में रखा जाता है,  लेकिन गृह प्रसव के मामलों में पहले दिन से ही नवजात को बेहतर देखभाल की जरूरत होती है। शिशु जन्म के शुरुआती 42 दिन अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान उचित देखभाल के अभाव में शिशु के मृत्यु की संभावना अधिक होती है। एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत  आशा कार्यकर्ता गृह भ्रमण के दौरान न  सिर्फ बच्चों में खतरे के संकेतों की पहचान करती हैं बल्कि  माताओं को नवजात देखभाल के विषय में आवश्यक जानकारी भी देती हैं। एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ता  संस्थागत एवं गृह प्रसव दोनों स्थितियों में गृह भ्रमण कर नवजात शिशु की देखभाल करती हैं । संस्थागत प्रसव की स्थिति में छह  बार गृह भ्रमण करती है। जन्म के 3, 7,14, 21,28 एवं 42 वें दिवस पर और गृह प्रसव की स्थिति में सात  बार गृह भ्रमण करती है। जन्म के 1, 3, 7,14, 21, 28 एवं 42 वें दिवस पर वह उसकी निगरानी करती हैं 

नवजात गृह आधारित देखभाल की गतिविधि

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरियांवा की बीसीपीएम रंजना बताती हैं कि गृह आधारित देखभाल के  दौरान बच्चे का तापमान, वजन, बच्चों के सांस की गति, बच्चे की मां के  बुखार की जानकारी आशा कार्यकर्ता लेती है। इस दौरान वह बच्चे के लक्षणों पर भी ध्यान देती हैं । वर्तमान में आशा कार्यकर्ता निरन्तर इस कार्यक्रम में लगी हैं।  

एचबीएनसी किट से लैश रहें आशा कार्यकर्ता

बीसीपीएम खलीलाबाद महेन्द्र तिवारी बताते हैं कि गृह आधारित देखभाल कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ता को निर्देश दिया गया है कि एचीबीएनसी किट से लैश  रहें। एचबीएनसी किट में डिजिटल वाच, डिजिटल थर्मामीटर, बेबी ब्लैंकेट, बेबी फीडिंग स्पून, किट बैग व वेटिंग स्केल समेत सात सामग्री मौजूद रहती है। इन सातो सामग्रियों के बिना बच्चों की देखभाल के लिए न निकलें। किट से जांच के बाद जोखिम  के किसी भी इंडीकेटर को देखेंगी तो उनके इलाज के लिए स्वास्थ्य  केन्द्र को भेजेंगी।

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