बस्ती। जिलाधिकारी श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने आईसीडीएस एवं तहसील तथा नगर पालिका एंव नगर पंचायत के अधिकारियों को आईजीआरएस के मामलों को स्वयं देखने तथा समय से निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया है। कलेक्टेªट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होने कहा कि शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता खराब होने के कारण उच्च स्तर से शिकायते वापस की जा रही है। यह स्थिति ठीक नही है।
उन्होने कहा कि विभिन्न तहसील दिवसों में प्राप्त 299 शिकायतें निस्तारण की गुणवत्ता ठीक न होने तथा शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने के कारण उच्च स्तर से वापस की गयी है। ऐसा प्रतीत होता है कि रिपोर्ट को अधिकारियों द्वारा नही देखा जा रहा है। उन्होने कहा कि किसी प्रकार की मांग संबंधी, न्यायालय में विचाराधीन मामलों को रिपोर्ट लगाते समय इसका उल्लेख किया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि डिफाल्टर की श्रेणी में जाने वाली शिकायते तीन दिन पहले ही पोर्टल पर दिखाई देने लगती है। अधिकारी यदि इसका अनुश्रवण करेंगे तो कोई शिकायत डिफाल्टर श्रेणी में नही जायेंगी।
बैठक में ई-डिस्ट्रिक मैनेजर सौरभ द्विवेदी ने अधिकारियों एवं उनके साथ आये कम्प्यूटर आपरेटर को गुणवत्तापूर्ण शिकायत निस्तारण के बारे में प्रशिक्षण दिया। इसमें एडीएम अभय कुमार मिश्रा, सीआरओ नीता यादव, एसडीएम जीके झॉ, अपर उप जिलाधिकारी सूरज, तहसीलदार प्रमोद कुमार, ईओ नगर पालिका अखिलेश त्रिपाठी, सीडीपीओ मिथिलेश बौद्ध, अन्य सीडीपीओ तथा उनके साथ कम्प्यूटर आपरेटर उपस्थित रहें।
No comments:
Post a Comment