गोरखपुर। मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर ने निर्देश दिये है कि मण्डल के सभी ईटीसी ( इंसेफ्लाईटिस ट्रीटमेन्ट सेन्टर) क्रियाशील हो और मुख्य चिकित्साधिकारी सभी ईटीसी का भ्रमण कर जहां जो कमियां हो उसे प्रमुखता के आधार पर ठीक कराये यदि मैन पावर की कमी हो तो उसे भी पूर्ण किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ईटीसी पर अप्रैल से अक्टूबर तक कम से कम 3-3 स्टाफ नर्स की तैनाती आवश्यक है, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, ताकि ईटीसी पर 24 घण्टे जेई/एईएस के मरीज का देखे जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मण्डल में जेई/एईएस मृत्यु दर शून्य किया जाये इस दिशा में अधिकारी गण आपसी समन्वय बनाकर पूरी तत्परता के साथ कार्य करे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 27 फरवरी को सभी ईटीसी एवं मिनी पिको इंजार्च का प्रशिक्षण आयोजित किये जाये जिसमें सभी सम्बंधित को प्रतिभाग करना है। एईएस प्रभावितो को वितरित अनुदान की स्थिति की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि इस बीमारी के कारण यदि किसी की मृत्यु होती है तो 30 दिन के अन्दर उसके परिवार को अनुमन्य अनुदान वितरित कर दिया जाये अन्यथा सम्बंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही होगी।
मण्डलायुक्त ने कहा कि समय से रिपोर्टिंग उपलब्ध करायी जाये तथा टास्क फोर्स की बैठक प्रतिमाह कराने के साथ ही इस बीमारी को समुल नष्ट करने हेतु अन्र्तविभागीय समन्वय बनाकर कार्य किया जाये। ईटीसी पर संसाधनो की कमी नही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के अन्दर इंसेफ्लाइटिस के लक्षण दिखाई तो परिवार के सदस्य बच्चे को बिना विलम्ब किये तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाये ताकि उसका त्वरित इलाज हो सके।
रिपोर्ट--अमित कुमार
No comments:
Post a Comment